उत्तर प्रदेश सरकार की ऋण योजना ( Loan Scheme of UP Government)
उत्तर प्रदेश की संस्कृति और अर्थव्यवस्था की रीढ़ यहाँ के पारंपरिक कारीगर और हस्तशिल्पी हैं। चाहे वो मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कुम्हार हों या लोहे को आकार देने वाले लोहार, इन विश्वकर्माओं के बिना समाज की कल्पना भी मुश्किल है।
उत्तर प्रदेश विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना: हुनर को पहचान और रोजगार को उड़ान
इसी हुनर को सम्मान देने और कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए, उत्तर प्रदेश सरकार ने 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना' (Vishwakarma Shram Samman Yojana) की शुरुआत की है। आज के इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि यह योजना क्या है, इसके लाभ क्या हैं और आप इसका फायदा कैसे उठा सकते हैं।
❓ विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना क्या है?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा शुरू की गई यह योजना राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनकर, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार, हलवाई, मोची आदि जैसे पारंपरिक कारीगरों के लिए है।
इस योजना ( PM Vishwakarma Yojana online registration) का मुख्य उद्देश्य कारीगरों के कौशल को निखारना (Skill Development) और उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने या बढ़ाने के लिए आर्थिक सहायता और उपकरण (Toolkit) प्रदान करना है।
योजना की मुख्य विशेषता है -
- पारम्परिक कारीगरो जैसे दर्जी, लोहार, नाई, मोची , बढई आदि को मुफ्त ट्रेनिंग और औजार उपलब्ध कराना।
- ट्रेनिंग मे आधुनिक औजार और तकनीक का कैसे इस्तेमाल करना है, यह सिखाया जाता है, ट्रेनिंग के पश्चात सरकार कारीगर को सर्टिफिकेट भी जारी करती है।
- इसके अंतर्गत काम की शुरुआत करने के लिए रु 10,000 से लेकर 10 लाख तक का लोन, बिना ब्याज के दिया जाता है।
- वर्ष भर मे कई बार लगने वाले विश्वकर्मा एक्सपो मे माल बेचने की सुविधा भी मुहैय्या कराया जाता है।
🌟 योजना के मुख्य लाभ (PM Vishwakarma Yojana loan details)
इस योजना के तहत सरकार लाभार्थियों को कई तरह से मदद करती है:
मुफ्त प्रशिक्षण (Free Training): चयनित अभ्यर्थियों को 6 दिनों का नि:शुल्क कौशल वृद्धि प्रशिक्षण दिया जाता है।
टूलकिट वितरण (Free Toolkit): ट्रेनिंग पूरी होने के बाद, कारीगरों को उनके रोजगार से जुड़े आधुनिक औजारों की टूलकिट (Toolkit) मुफ्त दी जाती है। इससे वे अपना काम बेहतर तरीके से कर पाते हैं।
आर्थिक सहायता/स्टाइपेंड: ट्रेनिंग की अवधि के दौरान कारीगरों को अर्धकुशल श्रमिक के बराबर दैनिक भत्ता (Stipend) भी दिया जाता है।
लोन की सुविधा: यदि कोई कारीगर अपना व्यवसाय बढ़ाना चाहता है, तो उसे प्रधानमंत्री मुद्रा योजना या अन्य योजनाओं के तहत आसान शर्तों पर बैंक से ऋण (Loan) दिलाने में मदद की जाती है।
🛠️ किन कारीगरों को मिलेगा लाभ? (PM Vishwakarma Yojana trades list)
यह योजना विशेष रूप से निम्नलिखित पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों के लिए है:
- बढ़ई (Carpenter)
- दर्जी (Tailor)
- टोकरी बुनकर (Basket Weaver)
- नाई (Barber)
- सुनार (Goldsmith)
- लोहार (Blacksmith)
- कुम्हार (Potter)
- हलवाई (Confectioner)
- मोची (Cobbler)
- राजमिस्त्री (Mason)
योजना के लिए पात्रता-(PM Vishwakarma scheme eligibility)
- कारीगर उत्तर प्रदेश का रहने वाला होना चाहिए
- वह पारम्परिक कारीगर- दर्जी, नाई, लोहार इत्यादी होना चाहिए।
- उम्र 18 वर्ष से ज्यादा का होना चाहिए।
- इसके लिए कारीगर का पढा लिखा होने की जरूरत नही है, हाॅ, हुनर और अनुभव होना चाहिए।
- पिछले 2 वर्ष मे इस तरह की कोई अन्य सरकारी योजना का लाभ न लिया हो।
- परिवार का सिर्फ एक व्यक्ति ही इस योजना का पात्र होगा।
योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज-
- आवेदक का आधार कार्ड (Aadhaar Card)
- पेन कार्ड ( Pan Card )
- निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)
- जाति प्रमाण पत्र
- बैंक पास बुक
- पासपोर्ट साइज फोटो
- जन्म प्रमाणपत्र ( स्कूल का मार्कशीट अथवा तहसील स्तर का बना हुआ जन्म प्रमाणपत्र)
- परम्परागत कारीगर होने का सबूत ( यह फार्म आनलाइन भरते समय मिलेगा, उस पर ग्राम प्रधान या पार्षद का हस्ताक्षर कराना होगा।
- यदि आप गैर-कारीगर जाति के हो तो ग्राम प्रधान का सर्टिफिकेट लेना होगा।
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर
आवेदन कैसे करे (PM Vishwakarma Yojana online apply)
- योजना के लिए आवेदन करने के लिए जाये - https://pmvishwakarma.gov.in/Login
- यह पोर्टल सभी राज्यों के विश्वकर्मा योजना में रजिस्ट्रेशन के लिए इस्तेमाल होता है।
- आप इस पोर्टल के "LOGIN" पर जाये और Application/Beneficiary Login पर क्लिक करे।
- अब योजना के लिए आवेदन करे पर क्लिक करे।
- नये खुले पेज पर "योजना " पर क्लिक कर के योजना का नाम भरे। अब आवेदक का नाम, आवेदक के पिता का नाम, मोबाइल नंबर, ई-मेल पता, राज्य व जिला लिख कर कैप्चा कोड भरे , फिर सबमिट कर देवे।
- अब स्क्रीन पर युजर नेम और पासवर्ड दिखाई देगा, इसे आप नोट कर ले।
- अब दुबारा होमपेज पर जाकर इस युजर नेम और पासवर्ड डाल कर, कैप्चा भर के लॉगिन करे। अब नये खुले पेज पर आपको अपना पासवर्ड बदलना होगा।
- अपना पुराना पासवर्ड डाले, और फिर अपना नया पासवर्ड बनाए। दुबारा यहि पासवर्ड डाल कर कन्फर्म करे। फिर सबमिट पर क्लिक करे।
- अब एक नया फार्म खुलेगा, यहाॅ रजिस्ट्रेशन करना होगा।
फॉर्म जमा होने के बाद, जिला उद्योग केंद्र द्वारा आपके आवेदन की जांच की जाएगी और साक्षात्कार (Interview) के लिए बुलाया जाएगा।
ट्रेनिंग के पश्चात आपको इसी पोर्टल से अपना PM Vishwakarma certificate download करना होगा।



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