पब्लिक प्रोविडेंट फंड-
पीपीएफ टैक्स बचाने के लिए सबसे अच्छी सरकारी निवेश स्कीम माना जाता है , इसकी शुरुआत आप कम से कम 500 रुपये से कर सकते है , और अधिकतम 1,50,000 रुपये तक निवेश कर सकते है। इस पर अभी सालाना 7.10 फ़ीसदी ब्याज मिलता है. इसमें आप टुकड़ो में या इन्सटॉलमेंट पर भी निवेश कर सकते है।
इस श्रेणी में आप सिर्फ एक ही खाता खोल सकते है , यह खाता पोस्ट ऑफिस अथवा बैंक में खोले जा सकते है। इसके अंतर्गत जो भी डिपाजिट होते है वह रकम इनकम टैक्स की धारा 80 C के अंतर्गत कर में छूट के योग्य है।
नेशनल पेंशन स्कीम-
एनपीएस सरकार की तरफ से चलाई गई रिटायरमेंट सेविंग प्लान है धारा 188 के तहत इस में सालाना 1.5 लाइक और धारा 80 सीसीडी 1b के तहत अतिरिक्त ₹50 का निवेश किया जा सकता है
सुकन्या समृद्धि योजना
यदि आपकी बेटी की उम्र 10 वर्ष से कम है तो उसके नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना एनएसयूआई में निवेश कर सकते हैं सालाना ब्याज दर 7.6 फ़ीसदी है इस पर भी टैक्स कटौती का लाभ मिलता है
सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम
वरिष्ठ नागरिकों के लिए इस सेविंग स्कीम में बैंक और पोस्ट ऑफिस के जरिए निवेश किया जा सकता है इस पर सालाना 7.4% ब्याज मिलता है इस में किए गए निवेश पर धारा 188 के तहत टैक्स में छूट मिलती है
इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स
यूनिट लिंक इंश्योरस प्लान यूलिप्स और पारंपरिक बीमा योजनाओं के प्रीमियम पर टैक्स छूट मिलती है लेकिन ध्यान रखिए कि यूलिप्स प्रीमियम की राशि 2.5 लाख से ऊपर जाने पर टैक्स छूट नहीं मिलती है
टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट
टैक्स सेविंग एफडी के जरिए टैक्स छूट का लाभ लिया जा सकता है लेकिन यह बहुत अच्छा विकल्प नहीं है क्योंकि इसमें सालाना 5 परसेंट से कब रिटर्न मिलेगा और 5 साल का लॉक इन पीरियड भी है
इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम
ई एल एस एस इक्विटी म्यूचुअल फंड की स्कीम है इसमें निवेश पर एटीसी के तहत 1.5 लाख तक छूट मिलती है चलाना वेनलैक तक रिटर्न टैक्स फ्री है और लॉक इन पीरियड भी सबसे कम 3 साल है.
अन्य छूट
ट्यूशन फी , घर के रजिस्ट्रेशन के लिए स्टांप ड्यूटी और नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर भी टैक्स छूट दिया जाता है.
धारा 188 के अलावा यह टेक्स लाभ
हाउसिंग रेंट अलाउंस , लीव ट्रैवल एलाउंस ,होम लोन के ब्याज और बच्चों के एजुकेशनल लोन के ब्याज पर टैक्स छूट मिलती है ,धारा 13 जी के तहत दान और धारा एसटीडी के तहत हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर भी टैक्स लाभ मिलता है। होम लोन के ब्याज पर छूट की सीमा ₹2,00,000 है और एजुकेशन लोन के ब्याज पर टैक्स छूट की कोई सीमा नहीं है इसका मतलब है कि आप जितना ब्याज चुका है कि उसकी पूरी छूट मिलेगी। हाउसिंग रेंट एलाउंस पर टैक्स छूट की गणना इस आधार पर की जाती है कि आप मेट्रो शहर में (फिफ्टी परसेंट) रहते हैं या गैर मेट्रो सिटी (40%) में किसी भी सूरत में छूट एचआरए से ज्यादा नहीं मिलेगी।
बचत खाते के 10000 तक ब्याज टैक्स फ्री -
धारा 80 टीटीए के तहत 60 साल से कम उम्र के व्यक्ति के लिए बैंक , को ऑपरेटिव सोसाइटी और पोस्ट ऑफिस के सेविंग अकाउंट पर एक वित्त वर्ष में ₹10000 तक का ब्याज टैक्स फ्री है। इससे ऊपर का ब्याज अन्य स्रोतों से आय में शामिल किया जाएगा, जिस पर स्लैब के हिसाब से टैक्स चुकाना होगा।
पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट
ऐसे अकाउंट के ब्याज के नियम धारा 10 (15) में है। इनके मुताबिक पोस्ट ऑफिस में सिंगल सेविंग अकाउंट से 1 वित्त वर्ष में मिले Rs 3,500 और ज्वाइंट अकाउंट पर ₹7000 तक के ब्याज पर टैक्स की छूट है। यदि आपने ऐसे सिंगल अकाउंट के लिए टैक्स छूट का फायदा उठा लिया है तो बाकी 6500 रुपये ब्याज पर ही टी टी ए के तहत टैक्स छूट का लाभ ले सकते हैं।
टर्म डिपॉजिट पर ब्याज
60 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति के लिए टर्म फिक्स/ रिकरिंग डिपॉजिट पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल है।
टर्म डिपॉजिट पर TDS-
टर्म डिपॉजिट के ब्याज पर TDS Deduction का प्रावधान है। यदि एफडी पर एक वित्त वर्ष में 40000 से ज्यादा ब्याज मिला है (सीनियर सिटीजन के मामले में 50000) तो टीडीएस कटेगा।
80सी का फायदा
एफडी पर 80सी के तहत कटौती चाहते हैं तो कम से कम 5 साल के लिए एफडी करवानी होगी।
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