बजट 2018 -2019 (Budget 2018-2019)

आज दिनांक 01 फरवरी 2018 को माननीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने वित्तीय वर्ष 2018 -2019 का बजट पेश किया , बजट की मुख्य बाते निम्न लिखित है :-


  1. नया ग्रामिण बाजार ई -नेम बनाया जा  रहा है, 2  हजार करोड़ की लागत से कृषि बाजार बनाया जायेगा। 
  2.  नए कर्मचारियों के ई पी एफ में सरकार 12 फीसदी योगदान करेंगी। 
  3. व्यापार शुरू करने के लिए मुंद्रा योजना के तहत सरकार 3 लाख करोड़ रूपये का फण्ड दिया जायेगा। 
  4. देश में बिटकॉइन जैसी करेंसी गैर क़ानूनी है, अब यह नहीं चलेगी। 
  5. स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 'आयुष्मान भारत ' योजना का शुभारंभ , इसके अंतर्गत 50 करोड़ लोगो को 5 लाख रुपये का हेल्थ बीमा मिलेगा। टी वी मरीज को हर महीने 500 रुपये मिलेंगे। 
  6. 250 करोड़ टर्न ओवर वाली कंपनियों को 25 फीसदी टैक्स देना होगा। 




  1. इनकम टैक्स में कोई बदलाव नहीं मिडिल क्लास को टैक्स में कोई छूट नहीं। 
  2. स्टैण्डर्ड डिडक्शन फिर से शुरू , 40 हजार तक स्टैण्डर्ड डिडक्शन मिलेगा , जीतनी सैलरी है उससे 40 हजार घटाकर टैक्स देना होगा। 
  3. डिपोजी ट पर छूट १० हजार रुपये से बढ़ा कर 50 हजार रुपये की गई। 
  4. सीनियर सिटीजन के मेडिक्लेम पर 50000 रुपये तक टैक्स छूट मिलेंगी। , बुज़र्ग़ो को 80 डी में मेडिक्लेम पर छूट मिलेंगी। 
  5. शेयर खरीदने -बेचने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स 10 फीसदी होगा। 
  6. शिक्षा स्वास्थ पर सेस ३ फीसदी से बढ़ा कर ४ फीसदी किया गया। 
  7. धारा 80 जे जे ए ए के तहत नए कर्मचारीयो को अदा किए जाने वाले कुल वेतन पर 30 प्रतिशत कटौती में ढील देकर इसे फुटवेअर एवं चमड़ा उद्योग के लिए 150 दिन किया जायेगा , ताकि ज्यादा रोजगार सृजित हो सके। 

आयकर की दरे :-

खंड अ - इंडीविसुअल / एच् यू एफ  के लिए आयकर की दर (60 वर्ष से कम , पुरुष और स्त्री दोनों के लिए )


आयकर की स्तर  आयकर की दर 
आमदनी रु 2,50,000 तक    कोई कर नहीं 
आमदनी रु 2,50,000 से  रु 5,00,000 तक     5 %
आमदनी रु 5,00,000 से  रु 10,00,000 तक   20 %
आमदनी रु 10,00,000 से  ज्यादा   30 %
  1. सरचार्ज :- आमदनी यदि 50,00,000 से 1,00,00,000 तक है तो कुल आमदनी का १०%, और यदि  1,00,00,000 से ऊपर है तो कुल आमदनी का 15%
  2. सेस :- कुल आयकर  का 4%
खंड ब  - सीनियर सिटीजन  के लिए आयकर की दर (60 वर्ष से ज्यादा पर 80 से कम  , पुरुष और स्त्री दोनों के लिए )


आयकर की स्तर आयकर की दर 
आमदनी रु 3,00,000 तक   कोई कर नहीं 
आमदनी रु 3,00,000 से  रु 5,00,000 तक    5 %
आमदनी रु 5,00,000 से  रु 10,00,000 तक  20 %
आमदनी रु 10,00,000 से  ज्यादा  30 %
  1. सरचार्ज :- आमदनी यदि 50,00,000 से 1,00,00,000 तक है तो कुल आमदनी का १०%, और यदि  1,00,00,000 से ऊपर है तो कुल आमदनी का 15%
  2. सेस :- कुल आयकर  का 4%

खंड स   - सीनियर सिटीजन  के लिए आयकर की दर (80 वर्ष से ज्यादा , पुरुष और स्त्री दोनों के लिए )


आयकर की स्तर आयकर की दर 
आमदनी रु 3,00,000 तक   कोई कर नहीं 
आमदनी रु 3,00,000 से  रु 5,00,000 तक   कोई कर नहीं 
आमदनी रु 5,00,000 से  रु 10,00,000 तक  20 %
आमदनी रु 10,00,000 से  ज्यादा  30 %
  1. सरचार्ज :- आमदनी यदि 50,00,000 से 1,00,00,000 तक है तो कुल आमदनी का १०%, और यदि  1,00,00,000 से ऊपर है तो कुल आमदनी का 15%
  2. सेस :- कुल आयकर  का 4%
खंड द    - भारतीय कंपनियों  के लिए आयकर की दर 


आयकर की स्तर आयकर की दर 
आमदनी रु 2,50,000 से  रु 5,00,000 तक     5 %
आमदनी रु 5,00,000 से  रु 10,00,000 तक    20 %
आमदनी रु 10,00,000 से  ज्यादा (रु 250,00,00,000 तक टर्नओवर)    25  %
आमदनी रु 10,00,000 से  ज्यादा (रु 250,00,00,000 तक टर्नओवर से अधिक )    30 %
  1. 80 सी की लिमिट रु 1,50,000  तक 



आम बजट में वेतनभोगी करदाताओं को आयकर में राहत के लिए जो महत्वपूर्ण घोषणा की गई उसमें स्टैण्डर्ड डिडक्शन का फिर से लागू करना है।  वित्तमंत्री श्री अरुण जेटली ने स्टैण्डर्ड डिडक्शन की सीमा को बढाकर 40,000 रुपये कर दिया है , लेकिन निजी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी अब ट्रांसपोर्ट अलाउंस व् मेडिकल खर्चो पर मिलने वाली आयकर छूट अब नहीं ले सकेंगे। 
अभी वेतनभोगी आयकरदाता को 19,200 रुपये के ट्रांसपोर्ट अलाउंस तथा 15,000 रुपये तक के मेडिकल खर्च यानी कुल 34,200 रुपये पर आयकर छूट मिलती थी।  अब 40,000 स्टैण्डर्ड डिडक्शन का भायदा देने से कुल कर योग्य आय में 40,000 रुपये कम हो जायेगे।  यानी अगले वित्त वर्ष में वेतनभोगी करदाता पूर्व के मुकाबले 5,800 रुपये की आय पर और टैक्स बचा सकता है।  अभी पांच लाख रुपये तक की आय पर 5 फीसदी टैक्स है।  इस लिहाज से नए प्रावधान के तहत अधिकतम आयकर में 290 रुपये की और बचत हो सकती है। इस तरह वेतनभोगी आयकरदाता को बड़ी राहत नहीं मिली है। लेकिन जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है , उनके लिए एफ डी आर , बैंक बचत खाते से मिलने वाला ब्याज अथवा पोस्ट ऑफिस से मिलने वाले ब्याज में छूट की सीमा के लिए नई धारा 80 टी टी बी को जोड़कर 50,000 रुपये तक का ब्याज कर मुक्त कर दिया गया है।  वरिष्ठ नागरिको के अलावा अन्य को पूर्व की धारा 80 टी टी ए के तहत बचत खाते से मिलने वाले ब्याज में 10000 तक की छूट उपलब्ध होगी।  वरिष्ठ नागरिको को धारा 80 डी के तहत मिलने वाले मेडिकल इन्शुरेंस पर भी 30,000   रुपये से बढाकर 50,000 रूपए तक के प्रीमियम पर छूट प्रदान कर दी गई है. 


पेट्रोल पर ड्यूटी कम किया -

पेट्रोल -डीजल पर बेसिक एक्साइज ड्यूटी दो रु प्रति लीटर कम कर दी गई है।  छह रु की अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी ख़त्म कर दी , लेकिन 8 रु का नया रोड सेस लगा दिया गया है।

शेयर मार्केट 


शेयर मार्केट में 1 लाख से अधिक के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 10 फीसदी टैक्स लगाया गया है , सरकार यह टैक्स 14 साल के बाद दुबारा लेकर आई है।

महिलाओ के लिए 

1. अब से महिला कर्मचारीओ की पी एफ कटौती 8 % होगी , पहले यह 12 % होती थी। 
2. महिला स्वयं सहायता समूहो को मिलने वाले लोन को बढ़ा कर रु 75000 करोड़ किया गया।

बुजुर्गो के लिए 

  1. बुजुर्गो के लिए एफ डी  और आर डी  पर ब्याज आमदनी सम्बन्धी छूट को दस से बढ़ा कर 50 हजार रु किया गया है। 
  2. स्वस्थ्य बीमा प्रीमियम और इलाज के खर्च के लिए डिडक्शन लिमिट 30 हज़ार से 50 हज़ार की गई है। 
  3. गंभीर बीमारियों पर इलाज खर्च में डिडक्शन लिमिट को बढाकर 1 लाख रु की गई। 

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